
जेसा की हम जानते हे की महाराजा अग्रसेन जी ने अपनी राजधानी अग्रोहा में बसाई थी और उनके दारा समाज वाद का सिधांत एक रुपया और एक ईंट सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहा हे इससे उनकी नगरी में कोई भी गरीब नहीं रहता था एक रुपया और एक ईंट के सिधांत से मिले रुपयों से वह व्यापर करता था और ईंट से अपने रहेने के किये घर का निर्माण करता था इस तरह से वह नगर में रह रहे और अग्र बंधुओ के सामान हो जाता था इससे उसके मन में कोई हीन भावना नहीं रहेती थी
No comments:
Post a Comment